जबलपुर। शहर में बारिश वाले बादलों के मंडराकर चले जाने से उमस बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को सुबह से धूप रही। पारा चढऩे के साथ गर्मी बढ़ती गई। दोपहर में गर्मी इतनी बढ़ गई कि हवा में नमी नहीं बची। पंखें-कूलर की हवा में भी पसीना निकला। सितंबर की बजाय मौसम मार्च-अप्रैल जैसा महसूस हुआ। सुबह से धूप और गर्मी के बाद शाम को आसमान में काले बादल छाएं। तेज बूंदबांदी की शुरुआत हुई लेकिन हर बार की तरह उम्मीदों के बादल इस बार भी धोखा दे गए। कुछ ही देर में बारिश बंद हो गई। आसमान में काले बादल उमड़ते रहे। इससे उमस और चिपचिपी गर्मी और ज्यादा बढ़ गई। पूरे दिन तापमान सामान्य से दो से लेकर चार डिग्री तक जयादा बना रहा।
मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस था। इसमें शुक्रवार को वृद्धि दर्ज की गई। शुक्रवार को 0.7 डिग्री बढकऱ अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस हो गया। यह सामान्य से चार डिग्री ज्यादा बना रहा। न्यूनतम तापमान में करीब डेढ़ डिग्री का उछाल आया। यह 26 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड किया गया। सामान्य से दो डिग्री ज्यादा बना रहा। आद्र्रता सुबह के समय 83 प्रतिशत और शाम को 6 प्रतिशत थीं। उत्तर-पूर्वी हवा 3 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चली।
पांच गेट से जारी है पानी की निकासी
बरगी बांध से शुक्रवार को भी पानी की निकासी जारी रही। गुरुवार रात आठ बजे पांच गेट खोले गए थे, जो शुक्रवार को भी यथावत रहे। बांध के कैचमेंट एरिया में बारिश के के चलते आवक लगातार बरकरार है। पांच गेटों की ऊंचाई अब भी आधा-आधा मीटर है। जानकारी के अनुसार कैचमेंट एरिया में बारिश के बाद बांध में 573 क्यूमेक पानी की आवाक बढ़ गई। जिससे बांध का जल स्तर 422.85 मीटर हो गया। रिजर्व वॉटर लेबल 422.76 मीटर है। नौ सेंटीमीटर पानी बढऩे के चलते गुरुवार रात आठ बजे पांच गेटों को खोला गया।
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